Thursday, August 20, 2026

भूत

हाँ भूत हूं

देख लेता हूं थोड़े दूर से

छू नहीं सकता

सुन लेता हूं कभी बातें पर

बात कर नहीं सकता


आह निकलती है पर

सुनाऊं किसको

आंसू निकलते हैं पर

दिखाऊं किसको

प्यार बहुत आता है

बाहों में भर नहीं सकता

रोज मरता हूं पर

मर नहीं सकता

भूत हूं मैं..


याद आती हैं वो बातें

जिन्हें मैं जीता था

वो प्यार, वो मुस्काने

जिन्हें मैं जीता था

जीतता हूं अब ज़माने से

खुद से हार गया हूँ

कुछ दूर हूं उतना कि 

वैतरणी पार गया हूँ

टूट गया हूँ केतु सा

अब सी नहीं सकता

अब भूत हूं मैं..


#PST 

Wednesday, July 22, 2026

वनवास

समय सबसे बलवान है, 

इसके आगे कौन है, 

दशरथ आज वनवास पर हैं, 

राम घर पर मौन हैं..


#PST 

Wednesday, July 15, 2026

बाप हूं

अपनी धीमी आवाज़ से

जब बोलते हो, रुक जाओ

जब जानते हो कि ना रुक पाउंगा

मेरी छोटी सी उम्मीद आप हो

जब नन्हे हाथ से मुझे थामते हो 

कैसी भी राह हो, सम्भल जाऊंगा, 


आपकी आवाज़ में मुझे 

आह सुनाई देती है 

नर्म हाथों में कभी 

कमजोरी दिखाई देती है, 

भरोसा रखो, बाप हूँ 

सब सह के भी क्यों जिंदा हूँ 

इतनी सी उम्र में बच्चों ने सहा 

सोच सोच शर्मिंदा हूँ। 


यकीन मानो, 

पल पल का हिसाब रखा है 

अपने साथ हुए, 

हर छल का हिसाब रखा है। 

फिर सिंहासन पर बैठूँगा 

ये मेरा वादा है 

आप भी गर्व से कहना फिर 

ये मेरा पापा है.. 


#PST 

Wednesday, February 12, 2025

जीने की कसम

प्यार कुछ हद तक तो था
ये वो मना कहां करते हैं, 
साथ जीने की कसम खाने वाले 
साथ मरा कहां करते हैं.. 

#PST 

Tuesday, February 11, 2025

इम्तिहान

मेरी मोहब्बत का इम्तिहान लेते हो, 
कैसे हो, कैसे कैसे जान लेते हो..
#PST

Monday, February 12, 2024

युद्ध जारी है..

जंग अभी हारा नहीं हूं

इतना भी बेचारा नहीं हूं, 


घिर गया था मकड़ जाल में

अपने ही मायाजाल में, 


चक्रव्यूह वो बड़ा कठिन था

जिसके आगे बस पतन था, 


घिर चुका था लोभियों में

स्वार्थ की चुनौतियों में, 


दुश्मन हर कहीं थे भारी 

बस कभी हिम्मत ना हारी, 


शत्रु कोई असाध्य नहीं था 

साया भी पर साथ नहीं था, 


संकट कठिन घोर हरदम था 

पर मेरे राघव से कम था, 


माना कि मैं तैयार नहीं था 

संगी साथी यार नहीं था,


जो ना कटे ऐसा तरु ना होई 

बुरे समय सा गुरु ना कोई, 


कथा तब तक चलती है 

जब तक पूर्ण विराम है, 


पूर्ण विजय संकल्प है 

अंत जय श्री राम है 🙏

#PST 

collection of Shair TWEETS by me ...

1 - 
आज खुद को भुलाने को जी कर रहा है,
बेवजह रूठ जाने को जी कर रहा है,
तुम्हे वक़्त शायद मिले न मिले,
आज खुद को मनाने को जी कर रहा है।

2 -
मेरी आदत है उन्हें मनाने की,
उनको आदत है रूठ जाने की,
उनसे कह दो की खेल ये रोकें,
अब तो नौबत है जान जाने की।

3 -
टूटे हुए  सपनो और छूटे हुए अपनों ने मार दिया आशी,,
वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सीखने आती थी।

4 -
मेरे शहर के मौसम को भी कुछ यूँ मेरी आदत है,
ज़रा सा दूर क्या होता हूँ वहां बारिश हो जाती है।

5 -
गुमशुदा थे बरसों से, आज नज़र आ रहे हैं,
कैसे कैसे लिबास में चले आ रहे हैं,
जो मेरे उदास चेहरे पर रो दिया करते थे,
आज मेरे मातम में मुस्कुरा रहे हैं।

6 -
जिनके आगे साया भी पराया लगता था,
उन्हें आज अजनबी भी कहूँ या न कहूँ।

7 -
नया घरोंदा मिला तो पुराना घर भूल गए,
मंजिल नयी मिली तो हमसफ़र भूल गए,
जो तुम्हारी नज़र उतारती थी हर कदम पर,
नज़ारा नया मिला तो ये नज़र भूल गए।

8 -
बहुत सोचा की आज तुमको याद न करूँ,
पर क्या करूँ सांस कमबख्त आ ही जाती है।

9 -
तुमको बहार समझ कर, जीना चाहता था उम्र भर,
भूल गया था की मौसम तो बदल जाते हैं।

10 -
मुझे और जन्म लेने होंगे जान जाने के बाद,
तुम्हारी आदत जाने में वक़्त तो लगेगा।

11 -
मैं तो बस एक रास्ता था उस के सफ़र का,
आगे दोराहा आ गया, इसमें उसका क्या कसूर. 

12 -
जब जागूं तो तेरा चेहरा हो, काश यूँ ही हर सबेरा हो,
पलक खुलें तो तेरी झलक मिले, पलक झुके तो ख्वाब तेरा हो।


Monday, February 6, 2023

गुनाहखाना

कहीं तो ठौर ठिकाना है इस जमाने में, 
लो फिर आ बैठा अपने गुनाहखाने में, 
चाह छांव की नहीं तलब धूप की है, 
एक साया ही सही कुछ तो हो वीराने में..

#PST 6/2/23

Tuesday, January 17, 2023

चारदीवारी

यह बंद चारदीवारी
मुझे चुप होने नहीं देती, 
यह बंद चारदीवारी 
बोर होने नहीं देती.. 

इनसे बातें कर लेता हूं 
पंखे संग घूम लेता हूं 
तकिया गले लगा लेता हूं 
यह मुझे सोने नहीं देती, 
यह बंद चारदीवारी 
बोर होने नहीं देती.. 

तकदीर हिला जाती है 
तो कहीं दीवार पर टंगी 
तस्वीर रुला जाती है, 
बत्ती बंद कर लेता हूं 
यह मुझे रोने नहीं देती, 
यह बंद चारदीवारी 
बोर होने नहीं देती..

#PST 

Tuesday, June 9, 2020

लॉक डाउन तुम कहां गए

जाने अब कब फिर गाऊंगा,
फिर कब किचन में जाऊंगा,
वैसे तो दोस्त मिलेंगे रोज,
पर अब कब जूम कर पाऊंगा..
हे लॉक डाउन तुम कहां गए,
खुशियां फैलाओगे जहां गए..

मकान बहुत महंगा था मेरा,
पर कीमत तुमने बतलाई,
परिवार बहुत बड़ा था मेरा,
अहमियत तुमने सिखलाई,
लौट आओ कोई कुछ नहीं कहेगा,
ये बिन बोले तुम कहाँ गए,
हे लॉक डाउन तुम कहां गए

अंधी सड़क में दौड़ लगाता,
बिना काम के आता जाता,
पैसे के पीछे मैं पागल,
पेट्रोल से ज्यादा खून जलाता,
तुम देवदूत बन कर आए,
#PST को ग्यान दिला गए,
हे लॉक डाउन तुम कहां गए..

Monday, May 4, 2020

चाँद आज भी खूबसूरत है..

लो दिन ढला लो बात नई,

फिर अंधेरी रात नई,

रातों की अलग कहानी है,

जो ना सुननी सुनानी है,

तारे भी मिचियाते से,

चंदा से बतियाते से,

सूरज से नाराज़ थे,

कुछ उनके अपने राज़ थे,

दिन सतरंगी माया है,

रात काली छाया है,

सब एक रंग सब एक ढंग,

सपनों की अलग रोज जंग,

चांद शीतल सी थाली है,

इससे रात तक निराली है,

अब जाने की बेला में,

समय की रेला पेला में,

एक खयाल टिमटिमा के आता है,

जो नज़र नज़र को भाता है,

कि सूकून के पल की ज़रूरत है,

चांद आज भी खूबसूरत है..

#PST

Friday, December 13, 2019

छल

कुछ लिखने से पहले 
चिंतन कर लेना चाहिए, 
कोई पढ़ के ना घबराए, 
संभल लेना चाहिए,, 
शब्द आईना होते हैं, 
भीतर के हालात के, 
सब सच ना निकले, 
थोड़ा छल लेना चाहिए.. 

बाजार

भावनाएं भी दुनिया जैसे बाजार बन जाएंगी, 
धड़कने हम तुम जैसे लाचार बन जाएंगी, 
जिस दिन चढावा आने लगा अच्छा खासा दोस्तों, 
आतंकियों की कब्र भी मजार बन जाएंगी..

#PST #JABALPUR #Poem #Kavita #shayari #Hindi 

Friday, August 10, 2018

दोस्त

अच्छा हुआ कि दोस्त है, ये जो चीज़ शराब है,,
कब की छोड़ चुकी होती, अगर मोहब्बत ये होती..

#PST

Thursday, January 11, 2018

अच्छा लगता है

हर एक अपना चाहिए मुझे
हर एक सपना चाहिए मुझे
अच्छा लगता है,
यूं ही दिल की सुनना चाहिए मुझे
अच्छा लगता है..

कुछ रंग बदलना चाहता हूं
कुछ ढंग बदलना चाहता हूं
थोड़ा पीछे चलना चाहता हूं
अच्छा लगता है,
कभी यादों में टहलना
अच्छा लगता है..

Monday, July 16, 2012

बेशर्म

मेरी किस्मत को मुझसे रूठे ज़माना गुज़र गया,
फिर भी बेशर्म हर वक़्त मुस्कुराता हूँ मैं ..
जिस सफ़र पर मुझको ठोकरें मिलीं सदा,
आज भी उसी राह आता जाता हूँ मैं । 

Friday, January 6, 2012

बड़ा बदनाम हूँ आशी यहाँ मैं तुम्हारी दुनिया में,
कोई भी जाम मेरी नज़रों से यहाँ बच नहीं पाता..

कुछ नए नए तरीकों से खुश हो जाता हूँ अब भी,
अब कोई गम मुझको यूँ ही रुला नहीं पाता..

यही तो खूब है कि मैं खुद में डूबा रहता हूँ,
डबडबाई नज़रों से यूँ भी कुछ नज़र नहीं आता..

देश के वास्ते जीता हूँ, देश पर दिल धड़कता है,
कहीं और दिल लगाया होता तो यूँ जी नहीं पाता..
                                                                ...   #PST

Sunday, December 18, 2011

अब संसार हमारा है..



प्रारब्ध से जागृत समाज है,
उन्नत देश हमारा है,
पराधीनता बहुत हुई,
अब संसार हमारा है..

लाखों- करोड़ों बलिदानों का,
गौरव इतिहास हमारा है,
अमर शहीदों  का प्रताप है,
अब संसार हमारा है,

संकट अब भी बहुत खड़े हैं,
दुश्मन सिंहासन पे पड़े हैं,
सुधर जाओ या सुधार देंगे,
यह हुंकार हमारा है..
अब संसार हमारा है..
                                                : PST

Monday, October 24, 2011

दीपावली

नए सुरों पे नए बोल
नयी सुबह, नयी वजह..
सब कुछ नया सा लगता है,


नए रास्ते पे नया सफ़र,
नए साथ का उतावलापन,
अब सब अपना सा लगता है..


एक भाव वीरता,
एक लक्ष्य विजय,
जागृत भारतीयों की टोली
यह दृश्य सपना सा लगता है..

राम राज्य दिखने लगा है,
अयोध्या सजने लगा है,
अखंड भारत का सत्य

अभी जन्मा सा लगता है..

. .. Priyank

Monday, October 10, 2011

सनम की याद में जब भी कुछ गुनगुनाऊंगा,
जगजीत सिंह आप बहुत याद आओगे..
आंसू भरी निगाह से जब भी मुस्कुराऊंगा,
नगमो को याद करके आप भी तो मुस्कुराओगे..
जगजीत सिंह आप बहुत याद आओगे..
कुछ दिन की बेरुखी चलती है अपनों से,
पर ये क्या बात हुई की वापस नहीं आओगे?
जगजीत सिंह आप बहुत याद आओगे..

                                                                                                    ... PST