Wednesday, July 15, 2026

बाप हूं

अपनी धीमी आवाज़ से

जब बोलते हो, रुक जाओ

जब जानते हो कि ना रुक पाउंगा

मेरी छोटी सी उम्मीद आप हो

जब नन्हे हाथ से मुझे थामते हो 

कैसी भी राह हो, सम्भल जाऊंगा, 


आपकी आवाज़ में मुझे 

आह सुनाई देती है 

नर्म हाथों में कभी 

कमजोरी दिखाई देती है, 

भरोसा रखो, बाप हूँ 

सब सह के भी क्यों जिंदा हूँ 

इतनी सी उम्र में बच्चों ने सहा 

सोच सोच शर्मिंदा हूँ। 


यकीन मानो, 

पल पल का हिसाब रखा है 

अपने साथ हुए, 

हर छल का हिसाब रखा है। 

फिर सिंहासन पर बैठूँगा 

ये मेरा वादा है 

आप भी गर्व से कहना फिर 

ये मेरा पापा है.. 


#PST 

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