Monday, February 6, 2023

गुनाहखाना

कहीं तो ठौर ठिकाना है इस जमाने में, 
लो फिर आ बैठा अपने गुनाहखाने में, 
चाह छांव की नहीं तलब धूप की है, 
एक साया ही सही कुछ तो हो वीराने में..

#PST 6/2/23

Tuesday, January 17, 2023

चारदीवारी

यह बंद चारदीवारी
मुझे चुप होने नहीं देती, 
यह बंद चारदीवारी 
बोर होने नहीं देती.. 

इनसे बातें कर लेता हूं 
पंखे संग घूम लेता हूं 
तकिया गले लगा लेता हूं 
यह मुझे सोने नहीं देती, 
यह बंद चारदीवारी 
बोर होने नहीं देती.. 

तकदीर हिला जाती है 
तो कहीं दीवार पर टंगी 
तस्वीर रुला जाती है, 
बत्ती बंद कर लेता हूं 
यह मुझे रोने नहीं देती, 
यह बंद चारदीवारी 
बोर होने नहीं देती..

#PST 

Tuesday, June 9, 2020

लॉक डाउन तुम कहां गए

जाने अब कब फिर गाऊंगा,
फिर कब किचन में जाऊंगा,
वैसे तो दोस्त मिलेंगे रोज,
पर अब कब जूम कर पाऊंगा..
हे लॉक डाउन तुम कहां गए,
खुशियां फैलाओगे जहां गए..

मकान बहुत महंगा था मेरा,
पर कीमत तुमने बतलाई,
परिवार बहुत बड़ा था मेरा,
अहमियत तुमने सिखलाई,
लौट आओ कोई कुछ नहीं कहेगा,
ये बिन बोले तुम कहाँ गए,
हे लॉक डाउन तुम कहां गए

अंधी सड़क में दौड़ लगाता,
बिना काम के आता जाता,
पैसे के पीछे मैं पागल,
पेट्रोल से ज्यादा खून जलाता,
तुम देवदूत बन कर आए,
#PST को ग्यान दिला गए,
हे लॉक डाउन तुम कहां गए..

Monday, May 4, 2020

चाँद आज भी खूबसूरत है..

लो दिन ढला लो बात नई,

फिर अंधेरी रात नई,

रातों की अलग कहानी है,

जो ना सुननी सुनानी है,

तारे भी मिचियाते से,

चंदा से बतियाते से,

सूरज से नाराज़ थे,

कुछ उनके अपने राज़ थे,

दिन सतरंगी माया है,

रात काली छाया है,

सब एक रंग सब एक ढंग,

सपनों की अलग रोज जंग,

चांद शीतल सी थाली है,

इससे रात तक निराली है,

अब जाने की बेला में,

समय की रेला पेला में,

एक खयाल टिमटिमा के आता है,

जो नज़र नज़र को भाता है,

कि सूकून के पल की ज़रूरत है,

चांद आज भी खूबसूरत है..

#PST

Friday, December 13, 2019

छल

कुछ लिखने से पहले 
चिंतन कर लेना चाहिए, 
कोई पढ़ के ना घबराए, 
संभल लेना चाहिए,, 
शब्द आईना होते हैं, 
भीतर के हालात के, 
सब सच ना निकले, 
थोड़ा छल लेना चाहिए.. 

बाजार

भावनाएं भी दुनिया जैसे बाजार बन जाएंगी, 
धड़कने हम तुम जैसे लाचार बन जाएंगी, 
जिस दिन चढावा आने लगा अच्छा खासा दोस्तों, 
आतंकियों की कब्र भी मजार बन जाएंगी..

#PST #JABALPUR #Poem #Kavita #shayari #Hindi 

Friday, August 10, 2018

दोस्त

अच्छा हुआ कि दोस्त है, ये जो चीज़ शराब है,,
कब की छोड़ चुकी होती, अगर मोहब्बत ये होती..

#PST