जश्न कर ले यार तू जिंदा है
फख्र कर ले यार तू जिंदा है
जिस जहाँ में अधिकतर मुर्दा हैं रहते
सर उठा के चल रहा, तू जिंदा है
हार के टूटे हुए इन हौसलों में
सागर में तिनका सही, तू जिंदा है
लुट चुके कुछ इश्क में, मर भी गए कुछ
आज भी कुछ मनचला, तू जिंदा है
जीत ले संसार, तू जिंदा है
हर घड़ी त्यौहार, तू जिंदा है
प्रियंक
लिखने का शौक सबको सिखा देता है शायरी.. पर वही है असल शायर, जिसे रोने का शौक हो... दोस्तों, इस भाव के साथ ये ब्लॉग प्रारंभ कर रहा हूँ कि मेरे मान के भाव आप सब तक पहुँच सकें. मेरा प्रयास है कि मेरे जैसे अन्य शौकिया लेखक & कवि, अपनी रचनाओं को दुनिया के सम्मुख रखें.. उठा के कलम लिख डालें अपने जज्बातों को, मेरे जैसे :)
Tuesday, July 28, 2009
Wednesday, June 10, 2009
Monday, June 8, 2009
लाजवाब इश्क़
अंजाम मुझे मर्ज़ का मालुम नहीं है
बस इतना है पता, कि ये बे-हिसाब है
सारे मेरे अपने ना-उम्मीद हो गए
सुना था, कि प्यार होता ला-जवाब है
Priyank
बस इतना है पता, कि ये बे-हिसाब है
सारे मेरे अपने ना-उम्मीद हो गए
सुना था, कि प्यार होता ला-जवाब है
Priyank
Thursday, May 28, 2009
www.paakiza.blogspot.com main
लिखने का शौक सबको सिखा देता है शायरी
पर वही है असल शायर, जिसे रोने का शौक हो - Priyank
दोस्तों, इस भाव के साथ ये ब्लॉग प्रारंभ कर रहा हूँ कि
नए - नए गालिब और दुष्यंत कुमार हमे मिलें
और नयी नयी पंक्तियों के साथ हमारे जीवन मैं उमंग भरें
ये ब्लॉग आप सभी का है और सबकी रचनाओं को इसमें स्थान मिलेगा..
बस शर्त ये है कि रचना मौलिक होनी चाहिए..
कोई भी पुरानी या उधार ली गयी शायरी / कविता यहाँ से हटा दी जाएगी
उठा के कलम लिख डालें अपने जज्बातों को
आपके अपने
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आपका अपना
प्रियंक ठाकुर

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पर वही है असल शायर, जिसे रोने का शौक हो - Priyank
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और नयी नयी पंक्तियों के साथ हमारे जीवन मैं उमंग भरें
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