समय सबसे बलवान है,
इसके आगे कौन है,
दशरथ आज वनवास पर हैं,
राम घर पर मौन हैं..
#PST
लिखने का शौक सबको सिखा देता है शायरी.. पर वही है असल शायर, जिसे रोने का शौक हो... दोस्तों, इस भाव के साथ ये ब्लॉग प्रारंभ कर रहा हूँ कि मेरे मान के भाव आप सब तक पहुँच सकें. मेरा प्रयास है कि मेरे जैसे अन्य शौकिया लेखक & कवि, अपनी रचनाओं को दुनिया के सम्मुख रखें.. उठा के कलम लिख डालें अपने जज्बातों को, मेरे जैसे :)
अपनी धीमी आवाज़ से
जब बोलते हो, रुक जाओ
जब जानते हो कि ना रुक पाउंगा
मेरी छोटी सी उम्मीद आप हो
जब नन्हे हाथ से मुझे थामते हो
कैसी भी राह हो, सम्भल जाऊंगा,
आपकी आवाज़ में मुझे
आह सुनाई देती है
नर्म हाथों में कभी
कमजोरी दिखाई देती है,
भरोसा रखो, बाप हूँ
सब सह के भी क्यों जिंदा हूँ
इतनी सी उम्र में बच्चों ने सहा
सोच सोच शर्मिंदा हूँ।
यकीन मानो,
पल पल का हिसाब रखा है
अपने साथ हुए,
हर छल का हिसाब रखा है।
फिर सिंहासन पर बैठूँगा
ये मेरा वादा है
आप भी गर्व से कहना फिर
ये मेरा पापा है..
जंग अभी हारा नहीं हूं
इतना भी बेचारा नहीं हूं,
घिर गया था मकड़ जाल में
अपने ही मायाजाल में,
चक्रव्यूह वो बड़ा कठिन था
जिसके आगे बस पतन था,
घिर चुका था लोभियों में
स्वार्थ की चुनौतियों में,
दुश्मन हर कहीं थे भारी
बस कभी हिम्मत ना हारी,
शत्रु कोई असाध्य नहीं था
साया भी पर साथ नहीं था,
संकट कठिन घोर हरदम था
पर मेरे राघव से कम था,
माना कि मैं तैयार नहीं था
संगी साथी यार नहीं था,
जो ना कटे ऐसा तरु ना होई
बुरे समय सा गुरु ना कोई,
कथा तब तक चलती है
जब तक पूर्ण विराम है,
पूर्ण विजय संकल्प है
अंत जय श्री राम है 🙏
#PST