Monday, May 4, 2020

चाँद आज भी खूबसूरत है..

लो दिन ढला लो बात नई,

फिर अंधेरी रात नई,

रातों की अलग कहानी है,

जो ना सुननी सुनानी है,

तारे भी मिचियाते से,

चंदा से बतियाते से,

सूरज से नाराज़ थे,

कुछ उनके अपने राज़ थे,

दिन सतरंगी माया है,

रात काली छाया है,

सब एक रंग सब एक ढंग,

सपनों की अलग रोज जंग,

चांद शीतल सी थाली है,

इससे रात तक निराली है,

अब जाने की बेला में,

समय की रेला पेला में,

एक खयाल टिमटिमा के आता है,

जो नज़र नज़र को भाता है,

कि सूकून के पल की ज़रूरत है,

चांद आज भी खूबसूरत है..

#PST

Friday, December 13, 2019

छल

कुछ लिखने से पहले 
चिंतन कर लेना चाहिए, 
कोई पढ़ के ना घबराए, 
संभल लेना चाहिए,, 
शब्द आईना होते हैं, 
भीतर के हालात के, 
सब सच ना निकले, 
थोड़ा छल लेना चाहिए.. 

बाजार

भावनाएं भी दुनिया जैसे बाजार बन जाएंगी, 
धड़कने हम तुम जैसे लाचार बन जाएंगी, 
जिस दिन चढावा आने लगा अच्छा खासा दोस्तों, 
आतंकियों की कब्र भी मजार बन जाएंगी..

#PST #JABALPUR #Poem #Kavita #shayari #Hindi 

Friday, August 10, 2018

दोस्त

अच्छा हुआ कि दोस्त है, ये जो चीज़ शराब है,,
कब की छोड़ चुकी होती, अगर मोहब्बत ये होती..

#PST

Thursday, January 11, 2018

अच्छा लगता है

हर एक अपना चाहिए मुझे
हर एक सपना चाहिए मुझे
अच्छा लगता है,
यूं ही दिल की सुनना चाहिए मुझे
अच्छा लगता है..

कुछ रंग बदलना चाहता हूं
कुछ ढंग बदलना चाहता हूं
थोड़ा पीछे चलना चाहता हूं
अच्छा लगता है,
कभी यादों में टहलना
अच्छा लगता है..

Monday, July 16, 2012

बेशर्म

मेरी किस्मत को मुझसे रूठे ज़माना गुज़र गया,
फिर भी बेशर्म हर वक़्त मुस्कुराता हूँ मैं ..
जिस सफ़र पर मुझको ठोकरें मिलीं सदा,
आज भी उसी राह आता जाता हूँ मैं । 

Friday, January 6, 2012

बड़ा बदनाम हूँ आशी यहाँ मैं तुम्हारी दुनिया में,
कोई भी जाम मेरी नज़रों से यहाँ बच नहीं पाता..

कुछ नए नए तरीकों से खुश हो जाता हूँ अब भी,
अब कोई गम मुझको यूँ ही रुला नहीं पाता..

यही तो खूब है कि मैं खुद में डूबा रहता हूँ,
डबडबाई नज़रों से यूँ भी कुछ नज़र नहीं आता..

देश के वास्ते जीता हूँ, देश पर दिल धड़कता है,
कहीं और दिल लगाया होता तो यूँ जी नहीं पाता..
                                                                ...   #PST