Sunday, February 13, 2011

मैं आग बांटने आया हूँ
जिन्हें जलना हो वो साथ चलें
ये किसी बागीचे की सैर नहीं
मेरे रास्ते अंगार जलें

मैं उस बागीचे का माली हूँ
जिसका हर पौधा मुरझाया है
उस बचपन का मैं साथी हूँ
जहाँ सिर्फ सन्नाटा छाया है
मैं गीत सुनाने नहीं आया,
दहाड़ लगाने आया हूँ
जंजीर तोड़ के आया हूँ
जो दौड़ सकें मेरे साथ चलें
मेरे रास्ते अंगार जलें..

अभी नींद से नहीं जागे
तो एक दिन आँखें फूट जाएँगी
अभी देश नहीं संभाल सके
तो आगे संताने क्या पाएंगी
मैं ख्वाब बांटने नहीं आया
तलवार बांटने आया हूँ
जिन्हें लड़ना हो वो साथ चलें
मेरे रास्ते अंगार जलें..

हम नहीं जले तो एक दिन ये देश जल उठेगा,
इन अंगारों के पथ पर हर एक चल उठेगा..
.. प्रियंक 

Monday, November 29, 2010

सुप्रभात भारत:

सूर्य तेज दे, चन्द्र शांति, जल जैसे वरदान;
भारत में बसे सुख-शांति और रहे धन-धान.. सुप्रभात भारत

मंगल प्रभात, तेज प्रताप, है कण-कण जाग्रत..
धन्य हे जन्म भूमि, सुप्रभात भारत.. :)

सारा जग सदियों से जिसके गुण गावत, सुप्रभात भारत..

भगवान जहाँ रहते, है सूर्य जहाँ जागत, सुप्रभात भारत..

पूजते हैं गौ माता, जिनमे सारे देव विराजत.. सुप्रभात भारत..

पधारे सुदामा हों,, तो भी कृष्ण करें स्वागत... सुप्रभात भारत..

करोड़ों विशिष्ठिताओं में, ये भी एक बात है; 
कि नदी और पहाड़ भी, पूजे यहाँ जावत.. सुप्रभात भारत..

सदियों से पुण्य भूमि, युग-युग से दिव्य शाश्वत;
है माँ के जैसी ममता, देवी स्वरुप जाग्रत.. सुप्रभात भारत..

समूचे विश्व को सिखाई जिसने शांति पूजा,
उसी में ही रची है वीरों ने महाभारत.. सुप्रभात भारत

पूरे विश्व को जिसने गिनती सिखाई,
विश्व-विजयी हो के भी विनती सिखाई,
मेरे गायकों की राग से दीपक जल जावत, सुप्रभात भारत..

हिमालय हैं उत्तर के पहले प्रभारी,
सागर भी करते हैं रक्षा हमारी,
मेरे देश में है ईश्वरीय ताकत, सुप्रभात भारत..

देश के युवाओं को नींद से जगाया,
भारत क्या है पूरे विश्व को बताया,
उठो- जागो- आगे बढ़ो नारा लगाया,
ऐसे विवेकानंद को कौन नहीं जानत, सुप्रभात भारत..

: Compilation of my Good Morning Tweets on Twitter :) more to follow

( लूटने वाले (america) का हो जहाँ स्वागत, सुप्रभात भारत..
 
Short Term Memory वोटर्स की जहाँ आदत, सुप्रभात भारत..


CWG की 200 गुना हो जाये लागत, सुप्रभात भारत )

Thursday, November 18, 2010

चल यार सोते हैं..

चल यार सोते हैं.. स्वप्न संजोते हैं,
जो बीत गया, उसपे आज क्यों रोते हैं :)
समय की पतवार है, आयु को खेते हैं,
जो बीत गया, उसपे आज क्यों रोते हैं..

दुनिया एक बनिया है, व्यापार करती है,
जब तक कुछ लेना हो, व्यवहार करती है,
ये सुख तो जीवन में अनमोल होते हैं,
स्वजन समझ सबको, हर मोल देते हैं,
जो बीत गया, उसपे आज क्यों रोते हैं..

पुरानी बातों को हर हाल में भूलो,
जो होने वाला है, क्या बस में है बोलो?
पुराने बस्ते को क्यों लाद लेते हैं,
कल की चिंताओं को, क्यों आज लेते हैं?
जो बीत गया, उसपे आज क्यों रोते हैं..

जीवन के सब मोती मालाओं में रोपो,
हर सच को स्वीकारो, अपनाओ हर हर को,
जो भगवान की लीला स्वीकार करते हैं,
रब भी उस व्यक्ति को स्वीकार करते हैं,
सब कुछ जब उसका है, क्यों आज रोते हैं?
चल यार सोते हैं :)
: प्रियंक

Friday, April 2, 2010

आदत

काँटों पे चलने कि आदत सी हो गयी है
डर नहीं लगता है, पर बोरियत सी हो गयी है..

Wednesday, September 23, 2009

जन्म ये तुझको समर्पित

जन्म ये तुझको समर्पित, कर्म हर तुझको समर्पित
हर घड़ी तेरी ही सेवा, मर्म ये तुझको समर्पित

हो घड़ी कितनी भी विषम, न रुकें यूँ ही बढ़ें हम
हर कदम तेरी तरफ हो, हर कदम तुझको समर्पित

माँ भारती की छाँव में, हरियाली ख़ुशी की छाई है
माँ भारती हों कष्ट में तो, हर ख़ुशी कर दूं समर्पित

राष्ट्र जो खुशहाल हो तो, विश्व बंधुत्व ख्याल हो
दुश्मन सर उठाये तो, विजय को जन जन समर्पित

- Priyank Singh Thakur

Tuesday, July 28, 2009

तू जिंदा है

जश्न कर ले यार तू जिंदा है
फख्र कर ले यार तू जिंदा है

जिस जहाँ में अधिकतर मुर्दा हैं रहते
सर उठा के चल रहा, तू जिंदा है

हार के टूटे हुए इन हौसलों में
सागर में तिनका सही, तू जिंदा है

लुट चुके कुछ इश्क में, मर भी गए कुछ
आज भी कुछ मनचला, तू जिंदा है

जीत ले संसार, तू जिंदा है
हर घड़ी त्यौहार, तू जिंदा है

प्रियंक

Wednesday, June 10, 2009

शुक्र है मेरी हसरत किसी को तो है
उस नज़र में इनायत अभी तक तो है
तेरी राह में सर को झुकाए हूँ मैं
मोहब्बत मैं इबादत अभी तक तो है


Priyank