लिखने का शौक सबको सिखा देता है शायरी.. पर वही है असल शायर, जिसे रोने का शौक हो... दोस्तों, इस भाव के साथ ये ब्लॉग प्रारंभ कर रहा हूँ कि मेरे मान के भाव आप सब तक पहुँच सकें. मेरा प्रयास है कि मेरे जैसे अन्य शौकिया लेखक & कवि, अपनी रचनाओं को दुनिया के सम्मुख रखें.. उठा के कलम लिख डालें अपने जज्बातों को, मेरे जैसे :)
Monday, October 10, 2011
Wednesday, March 30, 2011
Saturday, March 19, 2011
होली
सुबह पर लालिमा का
शाम पर गोधुलि का
जीवन में खुशी का
बचपन में मस्ती का
जवानी में प्यार और
प्यार में विश्वास का
रंग भर दो
इस होली में आज यह
चमत्कार कर दो
इतना तो यार कलाकार कर दो..
होली की शुभकामनाएँ :) - प्रियंक
Friday, March 11, 2011
जापान ..
चुप हो गयी वो, कुछ बोलने से पहले
आँखें हँसना चाहती थीं रोने से पहले
सपने सजाये थे इन्ही बंद पलकों पर
वो सब खो गए रंग भरने से पहले
ये क्या हो रहा है अगर हो रहा है
ऐसा होना ना था, मगर हो रहा है,
हम आपके ही बच्चे हैं क्यों भूल गए
बचा लो प्रभु हमको खोने से पहले
माना की जाना है एक दिन सभी को
मगर जाने का ये कोई तरीका नहीं
एक डोर से बाँधा है जग में सभी को
उसको ऐसे तोड़ देना सलीका नहीं
संभालो उन्हें जिनको तोड़ा है तुमने
संभालो ये विश्वास उठने से पहले
सुधारो ये दुनिया तुम्हारी ही तो है
जीवन की ये नब्ज़ थमने से पहले
.. आपका प्रियंक
Sunday, February 13, 2011
मैं आग बांटने आया हूँजिन्हें जलना हो वो साथ चलें
ये किसी बागीचे की सैर नहीं
मेरे रास्ते अंगार जलें
मैं उस बागीचे का माली हूँ
जिसका हर पौधा मुरझाया है
उस बचपन का मैं साथी हूँ
जहाँ सिर्फ सन्नाटा छाया है
मैं गीत सुनाने नहीं आया,
दहाड़ लगाने आया हूँ
जंजीर तोड़ के आया हूँ
जो दौड़ सकें मेरे साथ चलें
मेरे रास्ते अंगार जलें..
अभी नींद से नहीं जागे
तो एक दिन आँखें फूट जाएँगी
अभी देश नहीं संभाल सके
तो आगे संताने क्या पाएंगी
मैं ख्वाब बांटने नहीं आया
तलवार बांटने आया हूँ
जिन्हें लड़ना हो वो साथ चलें
मेरे रास्ते अंगार जलें..
हम नहीं जले तो एक दिन ये देश जल उठेगा,
इन अंगारों के पथ पर हर एक चल उठेगा..
.. प्रियंक
Monday, November 29, 2010
सुप्रभात भारत:
सूर्य तेज दे, चन्द्र शांति, जल जैसे वरदान;
भारत में बसे सुख-शांति और रहे धन-धान.. सुप्रभात भारत
मंगल प्रभात, तेज प्रताप, है कण-कण जाग्रत..
धन्य हे जन्म भूमि, सुप्रभात भारत.. :)
सारा जग सदियों से जिसके गुण गावत, सुप्रभात भारत..
भगवान जहाँ रहते, है सूर्य जहाँ जागत, सुप्रभात भारत..
पूजते हैं गौ माता, जिनमे सारे देव विराजत.. सुप्रभात भारत..
पधारे सुदामा हों,, तो भी कृष्ण करें स्वागत... सुप्रभात भारत..
करोड़ों विशिष्ठिताओं में, ये भी एक बात है;
कि नदी और पहाड़ भी, पूजे यहाँ जावत.. सुप्रभात भारत..
सदियों से पुण्य भूमि, युग-युग से दिव्य शाश्वत;
है माँ के जैसी ममता, देवी स्वरुप जाग्रत.. सुप्रभात भारत..
समूचे विश्व को सिखाई जिसने शांति पूजा,
उसी में ही रची है वीरों ने महाभारत.. सुप्रभात भारत
पूरे विश्व को जिसने गिनती सिखाई,
विश्व-विजयी हो के भी विनती सिखाई,
मेरे गायकों की राग से दीपक जल जावत, सुप्रभात भारत..
हिमालय हैं उत्तर के पहले प्रभारी,
सागर भी करते हैं रक्षा हमारी,
मेरे देश में है ईश्वरीय ताकत, सुप्रभात भारत..
देश के युवाओं को नींद से जगाया,
भारत क्या है पूरे विश्व को बताया,
उठो- जागो- आगे बढ़ो नारा लगाया,
ऐसे विवेकानंद को कौन नहीं जानत, सुप्रभात भारत..
: Compilation of my Good Morning Tweets on Twitter :) more to follow
( लूटने वाले (america) का हो जहाँ स्वागत, सुप्रभात भारत..
Short Term Memory वोटर्स की जहाँ आदत, सुप्रभात भारत..
CWG की 200 गुना हो जाये लागत, सुप्रभात भारत )
भारत में बसे सुख-शांति और रहे धन-धान.. सुप्रभात भारत
मंगल प्रभात, तेज प्रताप, है कण-कण जाग्रत..
धन्य हे जन्म भूमि, सुप्रभात भारत.. :)
सारा जग सदियों से जिसके गुण गावत, सुप्रभात भारत..
भगवान जहाँ रहते, है सूर्य जहाँ जागत, सुप्रभात भारत..
पूजते हैं गौ माता, जिनमे सारे देव विराजत.. सुप्रभात भारत..
पधारे सुदामा हों,, तो भी कृष्ण करें स्वागत... सुप्रभात भारत..
करोड़ों विशिष्ठिताओं में, ये भी एक बात है;
कि नदी और पहाड़ भी, पूजे यहाँ जावत.. सुप्रभात भारत..
सदियों से पुण्य भूमि, युग-युग से दिव्य शाश्वत;
है माँ के जैसी ममता, देवी स्वरुप जाग्रत.. सुप्रभात भारत..
समूचे विश्व को सिखाई जिसने शांति पूजा,
उसी में ही रची है वीरों ने महाभारत.. सुप्रभात भारत
पूरे विश्व को जिसने गिनती सिखाई,
विश्व-विजयी हो के भी विनती सिखाई,
मेरे गायकों की राग से दीपक जल जावत, सुप्रभात भारत..
हिमालय हैं उत्तर के पहले प्रभारी,
सागर भी करते हैं रक्षा हमारी,
मेरे देश में है ईश्वरीय ताकत, सुप्रभात भारत..
देश के युवाओं को नींद से जगाया,
भारत क्या है पूरे विश्व को बताया,
उठो- जागो- आगे बढ़ो नारा लगाया,
ऐसे विवेकानंद को कौन नहीं जानत, सुप्रभात भारत..
: Compilation of my Good Morning Tweets on Twitter :) more to follow
( लूटने वाले (america) का हो जहाँ स्वागत, सुप्रभात भारत..
Short Term Memory वोटर्स की जहाँ आदत, सुप्रभात भारत..
Thursday, November 18, 2010
चल यार सोते हैं..
चल यार सोते हैं.. स्वप्न संजोते हैं,
जो बीत गया, उसपे आज क्यों रोते हैं :)
समय की पतवार है, आयु को खेते हैं,
जो बीत गया, उसपे आज क्यों रोते हैं..
दुनिया एक बनिया है, व्यापार करती है,
जब तक कुछ लेना हो, व्यवहार करती है,
ये सुख तो जीवन में अनमोल होते हैं,
स्वजन समझ सबको, हर मोल देते हैं,
जो बीत गया, उसपे आज क्यों रोते हैं..
पुरानी बातों को हर हाल में भूलो,
जो होने वाला है, क्या बस में है बोलो?
पुराने बस्ते को क्यों लाद लेते हैं,
कल की चिंताओं को, क्यों आज लेते हैं?
जो बीत गया, उसपे आज क्यों रोते हैं..
जीवन के सब मोती मालाओं में रोपो,
हर सच को स्वीकारो, अपनाओ हर हर को,
जो भगवान की लीला स्वीकार करते हैं,
रब भी उस व्यक्ति को स्वीकार करते हैं,
सब कुछ जब उसका है, क्यों आज रोते हैं?
चल यार सोते हैं :)
: प्रियंक
जो बीत गया, उसपे आज क्यों रोते हैं :)
समय की पतवार है, आयु को खेते हैं,
जो बीत गया, उसपे आज क्यों रोते हैं..
दुनिया एक बनिया है, व्यापार करती है,
जब तक कुछ लेना हो, व्यवहार करती है,
ये सुख तो जीवन में अनमोल होते हैं,
स्वजन समझ सबको, हर मोल देते हैं,
जो बीत गया, उसपे आज क्यों रोते हैं..
पुरानी बातों को हर हाल में भूलो,
जो होने वाला है, क्या बस में है बोलो?
पुराने बस्ते को क्यों लाद लेते हैं,
कल की चिंताओं को, क्यों आज लेते हैं?
जो बीत गया, उसपे आज क्यों रोते हैं..
जीवन के सब मोती मालाओं में रोपो,
हर सच को स्वीकारो, अपनाओ हर हर को,
जो भगवान की लीला स्वीकार करते हैं,
रब भी उस व्यक्ति को स्वीकार करते हैं,
सब कुछ जब उसका है, क्यों आज रोते हैं?
चल यार सोते हैं :)
: प्रियंक
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